अध्याय 280

उसे समझ नहीं आ रहा था कि यह डरावना सपना कितने दिनों से चल रहा है। जब ऐलेन एक बार फिर उस बिखरे-से, उथल-पुथल भरे सपने से छूटकर होश में लौटी, तो उसकी आँखें झट से खुलीं—और अगले ही पल सीधे एक जोड़ी नरम, शांत आँखों से टकरा गईं, जो ऊपर से उसे देख रही थीं।

उन आँखों का मालिक अस्पताल के बिस्तर पर चुपचाप लेटा...

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